सीबीएसई, आईसीएसई की शेष परीक्षाओं की तैयारी कर रहे महाराष्ट्र के परीक्षार्थियों लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों को राहत देने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISE) के प्रमुख को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि जुलाई में शेष परीक्षाएं न कराई जाएं। सरकार ने लिखा कि छात्रों को उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा के मार्क्स दे दिए जाएं।

 

सरकार ने दोनो बोर्डों को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार में जुलाई में 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं आयोजित कराने की अनुमति नहीं देगी। इसलिए आग्रह है कि बोर्ड छात्रों को उनके इंटरनल एवैल्युएशन के आधार पर शेष परीक्षाओं के मार्क चढ़ाए जाएं।

 

बुधवार को सरकार ने दोनों बोर्डों के प्रमुखों को पत्र लिखकर बताया कि राज्य में कोरोना वायरस महामारी का संकट है ऐसे में छात्रों को परीक्षा देने के लिए घर से परीक्षा केंद्र जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसका मतलब है ऐसे हालात में परीक्षाएं कराना विभिन्न छात्रों की सेहत से खिलवाड़ हो सकता है। इसी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार राज्य में परीक्षाएं कराने की अनुमति नहीं देगी क्योंकि अभी खतरा बहुत ज्यादा है।

 

सरकार ने बोर्डों को दो ऑप्शन दिए हैं। पहला परीक्षाएं जुलाई में न कराकर बाद में कराई जाएं जब हालात सामान्य हो जाएं और दूसरा विकल्प यह है कि बोर्ड इन परीक्षाओं के मार्क्स बिना परीक्षा कराए ही छात्रों के इंटरनल एसेसमेंट के आधार पर चढ़ा दें।

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई के 29 विषयों की 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई तक होनी हैं। इसके लिए परीक्षा कार्यक्रम भी जारी किया जा चुका है।

वहीं आईसीएसई  बोर्ड ने शेष परीक्षाओं को रिशेड्यूल किया है। आईएसई की परीक्षाएं पहले 19 मार्च से 31 मार्च के बीच होनी थीं जो कोरोना संकट के कारण टाल दी गई थीं। आईसीएसई बोर्ड 10वीं के 6 पेपर अभी बाकी हैं जबकि 12वीं के 8 पेपर बाकी थे। बोर्ड के नए कार्यक्रम के अनुसार, यह सभी परीक्षाएं 2 से 12 जुलाई के बीच होनी हैं। वहीं आईएससी की की परीक्षाएं एक जुलाई से 14 जुलाई तक होंगी।

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