जड़ों से जुड़े कम्पोज़र-सिंगर अल्ताफ सैय्यद की अद्भुत जर्नी

✒️अनिल बेदाग़(विशेष प्रतिनिधी)

अल्ताफ सैय्यद बॉलीवुड के विख्यात संगीतकार और सिंगर के रूप में जाने जाते हैं। हाल ही में उनका कम्पोज़ किया और गाया हुआ गीत “बनके बारिश” रिलीज़ हुआ है, जिसमे निकिता डोबरियाल व डैशिंग स्टार जीत राय दत्त की रोमांटिक जोड़ी नजर आ रही है। इस सांग को दर्शको द्वारा खूब अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। म्युज़िक लेबल सांग्स बास्केट द्वारा रिलीज इस सांग को नरेन गेडिया फिल्म्स व जेआरडी मोशन पिक्चर के बैनर तले बनाया गया है। अल्ताफ सय्यद जीत राय दत्त के साथ पहले भी एक सुपर हिट सांग कर चुके हैं। लेकिन इस प्रोजेक्ट पर दोनों ने 5 वर्षों बाद काम किया।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद के करीब बीड़ से सम्बन्ध रखने वाले अल्ताफ सैय्यद को बचपन से ही संगीत और गायकी में दिलचस्पी थी। 90 के दशक के उदित नारायण व कुमार शानू के गाने उन्हें खूब पसन्द थे, वे गुनगुनाते थे और नए गाने भी कम्पोज़ करते रहते थे। स्कूल के सालाना फ़ंजशन में भी वह गाते थे, उनके दोस्तों ने उन्हें काफी प्रोत्साहित किया। वह पढ़ाई के लिए मुम्बई आए और यहीं से ग्रेजुएशन किया, इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि वह संगीत जगत में कुछ कर सकते हैं। जब वह साजिद वाजिद के वाजिद भाई से मिले तो उन्होंने अल्ताफ को अपने मामा सरफराज खान के पास संगीत की तालीम लेने के लिए भेज दिया। वहां उन्होंने काफी कुछ सीखा। नए नए गाने कम्पोज़ करने शुरू किए, गाना शुरू किया तो गायकी में काफी इम्प्रूवमेंट आया।

बतौर कम्पोज़र अल्ताफ सय्यद ने कई फिल्मों में संगीत दिया और उदित नारायण, कुणाल गांजावाला, मोहित चौहान जैसे सिंगर्स को गवाया। लेकिन किस्मत का खेल देखिए जब अल्ताफ सय्यद अपनी धुन निर्माता निर्देशक को अपनी आवाज़ में सुनाते थे तो लोग उनसे ही गाने के लिए कहने लगे। और उन्होंने अपने संगीत में गाना शुरू किया। इसी बीच उनसे संगीतकार चन्द्रसूर्या ने भी गीत गवाए। उसी दौरान उन्होंने एक गाना गाया “नैनो की बात नैना जाने”। यह गाना वायरल होने से बतौर सिंगर अल्ताफ सय्यद को पहचान मिली। उनके गाने जी म्युज़िक से भी रिलीज हुए। तेरे जिस्म सीरीज के लिए भी उन्होंने गाने किये। टी सीरीज से भी उनके कई गाने आए। एक फ़िल्म नारी का वह म्युज़िक कम्पोज़ कर रहे हैं। म्युज़िक लेबल सांग्स बास्केट के साथ भी वह जुड़े हुए हैं। वह मानते हैं कि म्युज़िक अल्बम का यह सुहाना दौर एक बार फिर लौट आया है जो बढ़ता जाएगा। वह खुद को छोटे शहरों और मास ऑडिएंस का फेवरेट सिंगर मानते हैं। मदन मोहन, नौशाद, पंचम दा, लक्षमीकांत प्यारेलाल को वह अपना पसंदीदा संगीतकार मानते हैं।

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