✒️नई दिल्ली(पुरोगामी संदेश नेटवर्क)

नई दिल्ली(8 जुलाई):राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने लद्दाख दौरे के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। जिसके बाद कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है। उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और तत्कालीन रक्षा मंत्री यशवंत राव चव्हाण भी LAC पर सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए गए थे। ठीक इसी तरह हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री भी सीमा पर गए। पवार ने कहा कि ऐसी स्थितियों में देश के नेतृत्व को सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूर कदम उठाने चाहिए।

गौरतलब है कि भारत और चीन की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लद्दाख का दौरा किया और सबको चौंका दिया था। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपनी अखंडता और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि “लद्दाख का ये पूरा हिस्सा, भारत का मस्तक है। 130 करोड़ भारतीयों के मान सम्मान का प्रतीक है। यह भूमि भारत के लिए सर्वस्व त्याग करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले राष्ट्रभक्तों की धरती है।”

लद्दाख का दौरा कर प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी सरकार को बेहद कड़ा और सख्त जवाब दिया। भारत के इस बदले रूप को देखने के बाद चीन झुकने पर मजबूर हो गया।

इससे पहले शरद पवार ने भारत-चीन मुद्दे को लेकर कहा था कि चीन के साथ चल रहा सीमा-विवाद का मसला गंभीर है और इसमें जल्दीबाजी में प्रतिक्रिया नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा था कि हम नहीं भूल सकते कि 1962 में क्या हुआ था, चीन ने हमारी 45 हजार स्क्वायर किमी जमीन पर कब्जा कर लिया था। यह जमीन अब भी चीन के पास है, लेकिन वर्तमान में मुझे नहीं पता कि चीन ने जमीन ली है या नहीं, मगर इस पर बात करते वक्त हमें इतिहास याद रखना चाहिए, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद होने के बाद पीएम मोदी से सवाल किया था। उन्होंने सवाल किया था कि ‘‘प्रधानमंत्री खामोश क्यों हैं? वह छिपे हुए क्यों हैं? अब बहुत हो चुका। हमें यह जानने की जरूरत है कि क्या हुआ है?”

पीएम मोदी की तारीफ़ कर शरद पवार ने कांग्रेस को झटका दिया है। महाराष्ट्र में कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी गटबंधनवाली महाविकास आघाडी की सरकार है। इससे पहले राहुल गांधी बोल चुके है कि भले ही गठबंधन में हम साथ है, लेकिन सरकार में रहते हुए भी हम निर्णय नहीं ले सकते। यह पहला मौका नहीं है जब पवार ने पीएम मोदी की तारीफ़ की है, लेकिन सत्ता की मज़बूरी के चलते कांग्रेस एनसीपी का साथ नहीं छोड़ पाएगी।

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